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GST के नाम पर रास्ते में नहीं रोके जाएंगे ट्रक, सरकार करने जा रही है बड़ा बदलाव; जानें नए नियम से किसे मिलेगी राहत

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 13, 2026 06:51 am IST,  Updated : Oct 13, 2026 06:51 am IST

सरकार जीएसटी (GST) के तहत वाहनों की जांच के नियमों में बदलाव करने जा रही है। नए नियम लागू होने के बाद रास्ते में पड़ने वाले राज्य के अधिकारी मनमाने तरीके से माल से भरे ट्रकों को नहीं रोक सकेंगे।

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GST अधिकारियों की मनमानी पर लगेगी लगाम (सांकेतिक तस्वीर) Image Source : ANI

देशभर में सामान लेकर एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले ट्रक ड्राइवरों और कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। जल्द ही जीएसटी (GST) अधिकारियों के लिए रास्ते में चलते मालवाहक वाहनों को रोककर जांच करना आसान नहीं होगा। सरकार नियमों में बदलाव करने जा रही है, जिसके बाद सामान की जांच मुख्य रूप से उसी राज्य में हो सकेगी, जहां से माल भेजा गया है या जहां उसे पहुंचना है। बीच के राज्यों के अधिकारी अपनी मर्जी से वाहन नहीं रोक सकेंगे। हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी होंगी।

8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नए प्रावधानों के तहत माल लेकर जा रहे वाहन को रोकने का अधिकार माल भेजने वाले राज्य और माल पहुंचने वाले राज्य के अधिकारियों तक सीमित रहेगा। बीच में पड़ने वाले राज्यों के अधिकारी सामान्य तौर पर ऐसे वाहनों को रोककर जांच नहीं कर सकेंगे। हालांकि, ये नियम अधिसूचित होने के बाद लागू होंगे।

वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी जरूरी

नए नियमों के तहत किसी वाहन को केवल संदेह के आधार पर नहीं रोका जा सकेगा। इसके लिए विशेष खुफिया जानकारी या ठोस इनपुट होना जरूरी होगा। साथ ही, वाहन रोकने से पहले ज्वाइंट कमिश्नर या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी। इसका उद्देश्य जीएसटी जांच के नाम पर कारोबारियों को बेवजह परेशान करने और बिना ठोस आधार के वाहनों को रोकने की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। अधिकारियों को जांच के लिए उचित आधार बताना होगा।

ई-वे बिल और दूसरे दस्तावेज रहेंगे जरूरी

नियमों में बदलाव का मतलब यह नहीं है कि माल की आवाजाही के दौरान दस्तावेजों की जरूरत खत्म हो जाएगी। जीएसटी के तहत 50,000 रुपये या इससे अधिक मूल्य के सामान को ले जाने के लिए सामान्य तौर पर ई-वे बिल जरूरी है। यह नियम अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर होने वाली माल ढुलाई पर लागू होता है, निर्धारित अपवादों के अधीन। नए प्रावधान लागू होने के बाद भी ई-वे बिल और अन्य जरूरी दस्तावेजों का विवरण सिस्टम में मिलान किया जाएगा। यानी कारोबारियों को दस्तावेज पूरे रखने होंगे।

कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को क्या फायदा होगा?

फिलहाल रास्ते में पड़ने वाले राज्यों के जीएसटी अधिकारी भी वाहनों को रोककर दस्तावेज मांग सकते हैं। इससे कई बार माल की डिलीवरी में देरी और कारोबारियों को परेशानी हो सकती है। उदाहरण के लिए, अगर दिल्ली से पंजाब जा रहे किसी ट्रक को हरियाणा में रोक लिया जाता है, तो नए नियम लागू होने के बाद ऐसी कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाया जा सकेगा। इससे ट्रांसपोर्टरों को अनावश्यक जांच से राहत मिलने और माल की आवाजाही अधिक सुचारु होने की उम्मीद है।

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